राष्ट्रीय बजरंग दल के नेतृत्व में साधु-संतों, शिवसेना और सामाजिक संगठनों ने किया जनजागरण; लोकतांत्रिक तरीके से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपने की तैयारी
बस्ती। "सनातन का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान" अभियान के तहत 4 अगस्त को प्रस्तावित विशाल पदयात्रा एवं ज्ञापन कार्यक्रम को सफल बनाने के उद्देश्य से रविवार को बस्ती नगर में व्यापक जनजागरण अभियान चलाया गया।
राष्ट्रीय बजरंग दल के जिलाध्यक्ष मनमोहन त्रिपाठी के नेतृत्व में पैड़ा वाले बाबा, शिवसेना के जिला प्रभारी प्रमोद पाण्डेय, टीम सूर्यमणि फाउंडेशन के अध्यक्ष सूर्यमणि पाण्डेय, साधु-संतों एवं बड़ी संख्या में सनातन प्रेमियों ने करुआ बाबा से कंपनी बाग चौराहे तक मशाल यात्रा एवं पदयात्रा निकालकर लोगों से अभियान में जुड़ने की अपील की।यात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं ने घर-घर एवं बाजारों में संपर्क कर नागरिकों को 4 अगस्त को आयोजित होने वाले विशाल पदयात्रा एवं ज्ञापन कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का निमंत्रण दिया। आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे फव्वारा चौराहे से होगी, जहां से पदयात्रा जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचेगी। वहां जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके उपरांत पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर भी ज्ञापन दिया जाएगा।राष्ट्रीय बजरंग दल के जिलाध्यक्ष मनमोहन त्रिपाठी ने कहा कि सनातन धर्म, देवी-देवताओं और साधु-संतों के संबंध में लगातार की जा रही कथित आपत्तिजनक एवं अमर्यादित टिप्पणियों से सनातन समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि मशाल यात्रा का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचकर लोगों को जागरूक करना तथा उन्हें लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपनी बात रखने के लिए एकजुट करना है।शिवसेना के जिला प्रभारी प्रमोद पाण्डेय ने कहा कि सनातन संस्कृति भारत की पहचान और आस्था का आधार है। किसी भी धर्म या आस्था पर अभद्र टिप्पणी सामाजिक सौहार्द के लिए उचित नहीं है। उन्होंने सभी नागरिकों से शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से 4 अगस्त के कार्यक्रम में सहभागिता निभाने का आह्वान किया।टीम सूर्यमणि फाउंडेशन के अध्यक्ष सूर्यमणि पाण्डेय ने कहा कि समाज की धार्मिक भावनाओं का सम्मान प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि यह अभियान किसी के विरोध का नहीं, बल्कि सनातन परंपराओं और आस्था के सम्मान की भावना को लोकतांत्रिक तरीके से अभिव्यक्त करने का प्रयास है। उन्होंने युवाओं एवं सनातन प्रेमियों से बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल होकर एकता का परिचय देने की अपील की।आयोजकों ने बताया कि 4 अगस्त के कार्यक्रम में विभिन्न जनपदों से बड़ी संख्या में साधु-संतों एवं सनातन संगठनों के प्रतिनिधियों के पहुंचने की संभावना है। अभियान का उद्देश्य प्रशासन के समक्ष अपनी भावनाओं को शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से प्रस्तुत करते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग करना है।अंत में आयोजकों ने समस्त सनातन प्रेमियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर "सनातन का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान" अभियान को सफल बनाएं तथा सनातन धर्म के सम्मान और सामाजिक एकता के इस जनआंदोलन में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।
