Basti:युवा उम्र में बढ़ते हार्ट अटैक पर विशेषज्ञ ने किया सचेत

 युवा उम्र में बढ़ते हार्ट अटैक पर विशेषज्ञ ने किया सचेत

बस्ती:मेडीवर्ल्ड हॉस्पिटल के संचालक डॉ. प्रमोद चौधरी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जनपदवासियों को दी बधाई और शुभकामनाएं

बस्ती: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मेडीवर्ल्ड हॉस्पिटल के संचालक एवं वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. प्रमोद चौधरी ने जनपदवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मेडीवर्ल्ड हॉस्पिटल परिवार जनपदवासियों को बेहतर और सुलभ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। अस्पताल का उद्देश्य है कि गंभीर एवं जटिल बीमारियों से पीड़ित मरीजों को इलाज के लिए अनावश्यक रूप से दूसरे शहरों की ओर न जाना पड़े।

डॉ. प्रमोद चौधरी ने बताया कि मेडीवर्ल्ड हॉस्पिटल में जनरल मेडिसिन के साथ हृदय रोग, यूरोलॉजी, नाक-कान-गला, नेत्र रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, सर्जरी, हड्डी रोग, त्वचा रोग तथा न्यूरोलॉजी से संबंधित विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में डायलिसिस सहित अन्य आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं को भी व्यवस्थित रूप से उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों को बेहतर इलाज के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े।

उन्होंने बताया कि वे स्वयं प्रतिदिन सुबह साढ़े दस बजे से शाम छह बजे तक सामान्य चिकित्सा की ओपीडी में मरीजों को देखते हैं। इसके अलावा विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों की विजिटिंग ओपीडी भी निर्धारित दिनों में संचालित होती है। गंभीर हृदयाघात और मस्तिष्काघात के मरीजों को भी अस्पताल में समय पर उचित चिकित्सा प्रबंधन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है।

कम उम्र में बढ़ रहे हार्ट अटैक के मामले, हृदय रोग विशेषज्ञ ने किया सावधान

हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. वीरेंद्र यादव ने कम उम्र में बढ़ रहे हार्ट अटैक के मामलों को लेकर लोगों को विशेष रूप से सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि युवा उम्र में हृदयाघात के कई कारण हो सकते हैं। इनमें पारिवारिक इतिहास, आनुवंशिक कारण, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मानसिक तनाव, खराब जीवनशैली, शारीरिक गतिविधि की कमी, धूम्रपान और शराब का सेवन प्रमुख जोखिम कारक हैं।

डॉ. यादव ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के माता-पिता, भाई या बहन को कम उम्र में हृदय संबंधी बीमारी रही है, तो उस व्यक्ति में भी कम उम्र में हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है। इसी प्रकार कुछ आनुवंशिक बीमारियों में शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बहुत अधिक हो जाता है, जिसके कारण कम उम्र में ही हृदय की धमनियों में कोलेस्ट्रॉल जमा होने लगता है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लगातार मानसिक तनाव, काम का दबाव, पर्याप्त नींद न लेना और आराम के लिए समय नहीं निकाल पाना भी स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। लंबे समय तक एक जगह बैठकर काम करना, शारीरिक गतिविधि की कमी, खान-पान में लापरवाही तथा कम उम्र में ही ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल बढ़ना चिंता का विषय है।

डॉ. वीरेंद्र यादव ने युवाओं में बढ़ती धूम्रपान की आदत को भी गंभीर जोखिम बताया। उन्होंने कहा कि मित्रों के दबाव या साथियों की देखा-देखी शुरू की गई धूम्रपान और शराब की आदत आगे चलकर हृदय के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हो सकती है। इन सभी जोखिम कारकों के संयुक्त प्रभाव के कारण आज 30 से 35 वर्ष और यहां तक कि 40 वर्ष की उम्र से पहले भी हार्ट अटैक के मामले देखने को मिल रहे हैं।

कोविड वैक्सीन को हार्ट अटैक से जोड़ना उचित नहीं : डॉ. यादव

कोविड वैक्सीन और हार्ट अटैक के संबंध में डॉ. वीरेंद्र यादव ने कहा कि इस विषय में वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर ही कोई निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी तक ऐसा कोई ठोस एवं सर्वसम्मत वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, जिसके आधार पर कोविड वैक्सीन को सीधे तौर पर हार्ट अटैक का कारण बताया जा सके।

उन्होंने बताया कि कोविड-19 संक्रमण के दौरान शरीर में सूजन और रक्त के थक्के बनने की समस्या देखी गई थी। संक्रमण के कारण कुछ मरीजों में हृदय, फेफड़े और मस्तिष्क सहित विभिन्न अंगों से जुड़ी जटिलताएं सामने आ सकती थीं। लेकिन कोविड संक्रमण और कोविड वैक्सीन को एक ही नजरिए से देखना उचित नहीं है।

डॉ. यादव ने कहा कि जब तक किसी दावे के समर्थन में पर्याप्त और सर्वमान्य वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध न हों, तब तक यह कहना कि कोविड वैक्सीन के कारण लोगों को हार्ट अटैक हो रहा है, उचित नहीं होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी तरह की अफवाह या भ्रम में पड़ने के बजाय अपने वास्तविक जोखिम कारकों पर ध्यान दें।

नियमित जांच और स्वस्थ जीवनशैली जरूरी

विशेषज्ञ चिकित्सकों ने लोगों से अपील की कि हृदय रोग से बचाव के लिए नियमित रूप से ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराएं। धूम्रपान से पूरी तरह दूरी बनाएं, नियमित शारीरिक व्यायाम करें, पर्याप्त नींद लें और मानसिक तनाव को नियंत्रित करने का प्रयास करें।

विशेष रूप से जिन लोगों के परिवार में कम उम्र में हृदय रोग का इतिहास रहा है, उन्हें समय रहते चिकित्सकीय जांच और विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए। चिकित्सकों का कहना है कि जोखिम कारकों की समय पर पहचान और जीवनशैली में सुधार के माध्यम से हृदय रोग के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मेडीवर्ल्ड हॉस्पिटल परिवार ने जनपदवासियों के स्वस्थ, सुखी एवं समृद्ध जीवन की कामना करते हुए बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने का संकल्प दोहराया।


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