Basti:हरतालिका तीज पर फिर सजे महिलाओं के हाथ, बबलू मेहंदी वाले की पहल बनी आकर्षण का केंद्र

 हरतालिका तीज पर फिर सजे महिलाओं के हाथ, बबलू मेहंदी वाले की पहल बनी आकर्षण का केंद्र

बस्ती। हरतालिका तीज के पावन पर्व पर महिलाओं के बीच मेहंदी लगाने को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। गांधीनगर निवासी बबलू मेहंदी वाले की ओर से हर वर्ष की तरह इस बार भी तीज के अवसर पर महिलाओं के हाथों में आकर्षक और मनमोहक मेहंदी लगाने की विशेष व्यवस्था की गई। बड़ी संख्या में महिलाएं और युवतियां पहुंचीं और अपने दोनों हाथों पर अलग-अलग खूबसूरत डिजाइनों में मेहंदी लगवाकर पर्व की खुशियों को और खास बनाया।

हरतालिका तीज के अवसर पर महिलाओं में मेहंदी को लेकर विशेष उत्साह रहता है। इसी को देखते हुए बबलू मेहंदी वाले ने महिलाओं के लिए विभिन्न डिजाइनों में मेहंदी लगाने की व्यवस्था की। पारंपरिक डिजाइनों के साथ-साथ आकर्षक फूल-पत्ती, बेल-बूटे और आधुनिक डिजाइनों से सजी मेहंदी महिलाओं के हाथों की खूबसूरती बढ़ाती नजर आई। मेहंदी लगवाने के लिए महिलाओं की भीड़ जुटी रही और पूरे माहौल में पर्व की उमंग देखने को मिली।

वर्ष 2009 से लगातार निभा रहे सेवा की परंपराबबलू मेहंदी वाले द्वारा वर्ष 2009 से लगातार धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के अवसर पर महिलाओं के हाथों में मेहंदी लगाने का कार्य किया जा रहा है। पिछले कई वर्षों से वह विवाह समारोह, सावन, हरतालिका तीज, करवा चौथ सहित विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक पर्वों पर अपनी कला के माध्यम से महिलाओं को मेहंदी लगाने की सेवा प्रदान कर रहे हैं।

समय के साथ उनकी यह पहल एक पहचान बन चुकी है। धार्मिक पर्वों के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं उनके यहां मेहंदी लगवाने पहुंचती हैं। यही कारण है कि हरतालिका तीज के अवसर पर भी उनकी मेहंदी लगाने की पहल महिलाओं के बीच आकर्षण का केंद्र बनी रही।

धार्मिक पर्व सेवा और सामाजिक सहभागिता का माध्यम

बबलू मेहंदी वाले का कहना है कि धार्मिक पर्व केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं हैं, बल्कि समाज के साथ जुड़कर अपनी क्षमता और कला के माध्यम से सेवा करने का भी माध्यम हैं। इसी भावना के साथ वह पिछले कई वर्षों से विभिन्न धार्मिक आयोजनों में मेहंदी लगाकर अपनी सेवाएं देते आ रहे हैं। उनका उद्देश्य पर्व के अवसर पर महिलाओं की खुशियों में अपनी कला के माध्यम से योगदान देना है।

उन्होंने कहा कि जब किसी महिला के चेहरे पर मेहंदी लगने के बाद खुशी दिखाई देती है तो उन्हें भी आत्मिक संतुष्टि मिलती है। यही खुशी और लोगों का प्यार उन्हें वर्षों से इस सेवा को लगातार आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करता है।

मेहंदी से और निखरी तीज की खुशियां

हरतालिका तीज पर महिलाओं के हाथों में सजी आकर्षक मेहंदी ने पर्व की खुशियों में चार चांद लगा दिए। रंग-बिरंगी पोशाकों और पारंपरिक श्रृंगार के साथ मेहंदी से सजे हाथ महिलाओं के बीच आकर्षण का केंद्र रहे। बबलू मेहंदी वाले की वर्षों पुरानी यह सेवा परंपरा धार्मिक आस्था, कला और सामाजिक सहभागिता का सुंदर उदाहरण बनती जा रही है।

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